Tuesday, 25 March 2014

Lamahi dang

।। गुरुमहिमा।।

गुरुब्रम्हा गुरुबिष्णु: गुरुदेबो महेश्चर:।
गर: साक्षात् परंब्रम्हा तस्मै श्रीगुरवे नम:।।
अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम् ।
तत्पदं दर्शित येन तस्मै श्रीगुरवे नम:।।
ध्यानमुलं गुरो:मूर्ति: पुजामुलं गुरो: पदम्।
मन्त्रमुलं गुरोवाक्यं,मौक्षमुलं गुरो: कृपा।।

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